पिण्डरा
भाकपा , अखिल भारतीय खेत मजदूर संघ व संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मंगलवार को राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी तहसीलदार कुलवंत सिंह को सौंपा।
राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन को तत्काल निरस्त करने, चारो श्रम कानून को समाप्त करने तथा प्रदेश भर में भाकपा कार्यकर्ताओ के पुलिसिया उत्पीड़न को रोकने व फर्जी ढंग से गिरफ्तार नेताओ को रिहा करने की मांग की। इसके अलावा काशीद्वार गृहस्थान योजना को निरस्त करने की मांग की गई है। मोर्चा के अध्यक्ष फतेहनारायण सिंह ने बताया कि यह योजना पिण्डरा तहसील के अंतर्गत पिण्डरा-कैथौली राजमार्ग पर प्रस्तावित है। इसके तहत 10 गांवों की बहुफसलीय जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिस पर किसानों की आजीविका निर्भर करती है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि काशीद्वार योजना को रद्द नहीं किया गया, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इस योजना में पिण्डरा, पिण्डराई, बहुतरा, अदुपुर, समोगरा, कैथौली, बेलवा, पुरारघुनाथपुर, चकिन्दर और बसनी गांवों की जमीन प्रस्तावित है।
किसानों ने इस योजना के खिलाफ पहले भी धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की थी। उन्होंने इस योजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।इस दौरान दर्जनों किसान भाकपा के बैनर तले शामिल हुए। जिसमे लालबिहारी सिंह, शंकर प्रसाद साकेत, अमरनाथ, रामजी सिंह, श्यामलाल सिंह, आशीष पटेल व संतोष पटेल समेत अनेक किसान, मजदूर व भाकपा कार्यकर्ता रहे।

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