शोषित, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के अधिकारों की लड़ाई तेज—नई राजनीतिक विकल्प की तैयारी

पिंडरा। बाबतपुर स्थित एक लान में भगवान निषाद राज जन सेवा समिति के तत्वाधान में आज एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान निषाद राज की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। बैठक में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए अति पिछड़े वर्ग, एससी–एसटी, अल्पसंख्यक और वंचित समुदायों के अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर नई राजनीतिक राह बनाने पर गंभीर विमर्श हुआ।

बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र निषाद ने की। देश के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए निषाद समाज, पसमांदा मुस्लिम समाज, विश्वकर्मा समाज, प्रजापति समाज, पाल समाज, पासी समाज सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में वंचित समुदायों की आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। इसलिए एक ऐसे राजनीतिक मंच की ज़रूरत है जो समन्वयवाद की विचारधारा के साथ सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, समानता और समावेशन को प्राथमिकता दे सके।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान चलाकर नई पार्टी के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन दीपक साहनी ने किया।

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