पिंडरा तहसील में शनिवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जनसामान्य की शिकायतों और समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन फरियादियों की शिकायतों के प्रति बेहद संवेदनशील है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनें और समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए ताकि शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिले।
डीएम ने कहा — “यदि कोई अधिकारी किसी शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान करता या उसकी शिकायत को टालता पाया गया, तो उसके खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
समाधान दिवस के दौरान कुल 141 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 07 का निस्तारण मौके पर ही किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने 07 अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और उनका एक दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को गांवों में भ्रमण के दौरान अपने विभागीय कार्यों और योजनाओं का सत्यापन करने तथा लाभार्थियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

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