पिंडरा। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गंगापुर मंगारी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। हरिशंकरपुर निवासी गर्भवती महिला सीमा राजभर को प्रसव पीड़ा होने के बावजूद भर्ती करने से इनकार करने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों के अनुसार महिला दर्द से तड़प रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समुचित उपचार नहीं किया। आरोप है कि सीएचसी के अधीक्षक डॉ. हाशमी और स्टाफ नर्स सारिका राय द्वारा भर्ती करने में अनिच्छा दिखाई गई। परिजनों का कहना है कि स्टाफ नर्स ने यह तक कह दिया कि “सीएमओ के दबाव में तुम्हें रख रही हूं, लेकिन इलाज नहीं कर पाऊंगी, प्राइवेट में जाकर इलाज कराओ।”
बताया जा रहा है कि इस संबंध में अक्षय राजभर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से वार्ता की, लेकिन उसका भी कोई खास असर नहीं पड़ा। रविवार शाम डॉक्टर के मौके पर न रहने से मरीज को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आरोप है कि रात के समय केवल स्टाफ नर्स ही मौजूद रहती हैं, जबकि कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहता।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीजों की देखभाल सही ढंग से नहीं की जाती और विरोध करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। अंततः पीड़ित महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर मंगारी में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्था के कारण क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
(रॉयल शाइन टाइम्स)

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